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संग्रहालय

1 पुरातत्व संग्रहालय, डीग संग्रहालय (राजस्थान)
2 पुरातत्व संग्रहालय, कालीबंगा (राजस्थान)
डीग संग्रहालय (राजस्‍थान)

डीग संग्रहालय डीग के महाराजा और उनके परिवार के सदस्‍यों द्वारा उपयोग की जाने वाली वस्‍तुओं, फर्नीचर इत्‍यादि के संग्रह के साथ व्‍यवस्‍थित किया गया है। अब, इस संग्रह में पंजीकृत पुरावशेष हैं। इनमें से सर्वोत्‍तम पुरावशेष गोपाल भवन और किशन भवन में प्रदर्शित हैं। गोपाल भवन डीग महल परिसर के अन्‍दर निर्मित सभी इमारतों में सबसे बड़ी और सर्वाधिक प्रभावशाली इमारत है जिसमें संग्रहालय का प्रमुख भाग स्‍थित है। महाराजा सूरजमल ने 1756-63 ईसवी के दौरान किशन भवन और गोपाल भवन का निर्माण करवाया था। गोपाल भवन में देखने योग्य मुख्‍य कक्ष, मान सिंह कक्ष, अंग्रेजी और भारतीय भोजन कक्ष, महाराजा का शयन कक्ष, ए डी सी कक्ष, बिलियर्ड कक्ष, महाराजा का कमरा, रानी का कक्ष तथा जनाना निवास स्‍थान शामिल हैं। अन्‍य वस्‍तुओं में हाथी के पैरों के सिगरेट केस और इत्र केस, हाथ से चलाये जाने वाले लकड़ी का कूलर , पुराने फर्नीचर, फारसी कालीन और बर्तन शामिल हैं।

पुरातत्‍वीय संग्रहालय, कालीबंगा
(जिला हनुमानगढ़, राजस्‍थान)

यह संग्रहालय इस हड़प्‍पा स्‍थल पर 1961-69 के बीच की गई खुदाई से प्राप्‍त सामग्रियों को रखने के लिए 1983 में स्‍थापित किया गया था। पात्रों और पुरावस्‍तुओं को तीन दीर्घाओं में प्रदर्शित किया गया है। इनमें से एक दीर्घा हड़प्‍पा पूर्व अवशेषों को दर्शाती हैं जबकि अन्‍य दो हड़प्‍पा कलावस्‍तुओं को समर्पित हैं। दीर्घाओं में प्रदर्शित वस्‍तुओं में कालीबंगा के क से ड. तक के हड़प्‍पा पूर्व स्‍तर की हड़प्‍पा मुद्राएं, चूड़ियां, टेराकोटा की वस्‍तुएं, टेराकोटा की मूर्तियॉं, ईंटें, चक्‍की, पत्‍थर की गेंदें तथा प्रसिद्ध छह भवनों वाली पात्र-निर्माणशाला शामिल हैं। इसके अलावा, खुदाई के विभिन्‍न स्‍तरों के खुली संरचनाओं के चित्र भी दर्शाएं गए हैं। खुले रहने का समय : 9.00 बजे पूर्वाह्न से 5.00 बजे अपराह्न तक बंद रहने का दिन : शुक्रवार प्रवेश शुल्‍क : 2/- रू. प्रति व्‍यक्‍ति (15 वर्ष तक के बच्‍चों के लिए नि:शुल्‍क)